Tuesday, August 19, 2008

रसरी आवत जात सील पर पडत निशान


घर के पत्ते पत्ते ...पेड पौधे ..आस पास का पूरा वातावरण राम.... राम की गूंज कर रहा है । खिले खिले फूलो की खुशबू भी जैसे सिर्फ़ परम ब्रह्म की ओर उठ रही हो.ऐसा महसूस हो रहा है मानो मैं किसी देवतालाब में एक कमल के सामान हुँ , जो हर सु .......... से उठते हुए राम नाम की साक्षी मात्र हैं ।
आमीन
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Friday, July 25, 2008

DARNESS IS BLISS ,DISCOVER IT


TO REACH THE LIGHT...... U HAVE TO PASS THROUGH YOUR DARNESS WITHIN.AS AND WHEN STEP BY STEP U MOVE INTO UR DARKNESS UR R COMING MORE NEARER TOWARDS THE DAWN

Tuesday, July 15, 2008

living dead


...................................................................................................living dead.......................................................


no words , no identity,no one left to speak about ................. yet the whole play is happening

Thursday, May 29, 2008

jyot se jyot jalate chalo

जब भीतर का दीया जल जाता है ,
तब उस दीये को बाकी दीये की पहचान छूट जाती है
वह केवल बाकी दीयो में रौशनी ही देखहै ,
जो उस के भीतर भी जल रही है ।
पहचान केवल उस रोशनी की रह जाती है जो उसे कण कण में जलती हुए दीखती है।
चाहे वह रोशनी पेड़ो में हो पत्तो में हो फूलों में हो या जीव जंतु में ,

पथरों में हो या कलकल करती पानी की बूंदों में ,
साधारण मनुष्य में या बुद्ध , महावीर या मीरा में ,
पहचान केवल उस लौ की होती है जो
हर जगह दीख रही होती है
अब उस की ख़ुद की पहचान छुट चुकी है
वह
मट्टी दीये में केवल अब जलती लौ को ही देखता है
मट्टी के दीये का मीटना ...personality dissolves
लौ का जल उठाना
truth is known ..lighted within

अगर आँखों को माटी के दीये की पहचान होती है
तो वह कभी भी divine light के दरशन
नही कर पता .

Friday, May 23, 2008

में का से कहू बतिया


ख़ुद के ही प्रेम में देखो लीन हुई मीरा ,

ख़ुद से ही देखो कैसा रास रचाया ,

उसकी ही थी बासुरी उसके ही थे सुर ,

ख़ुद को ही थिरकते हुए पा रही थी मीरा

ख़ुद से कैसा रास रचाया

नाच रही थी मीरा ॥

Wednesday, April 16, 2008

अकथ कहानी प्रेम की






जब श्रद्धा और भक्ति के फूल खिलते है तो वहाँ सुगंध परम पिता परमेश्वर की होती है ।



जब ऐसे फूल आपस में मिलते है तो उनके बीच केवल सुगंध होती है ,फूल का होना भी मिट जाता है .कबीर की यह पंक्ति कितनी प्यारी है इस सम्बध में .........................



'आतम अनुभव म्यान की ,जो कोई पूछे बात। सो गूंगा गुड खाइके ,कहे कौन मुख स्वाद .



जो गूंगे के सैन को गूंगा ही पहचान । त्यों ज्ञानी के सुख को ,ज्ञानी होए सो जान । '



जिस तरह गूंगा गूंगे की बात बिना कहे ही जान लेता है उसी तरह ज्ञानी भी जब आपस में मिलते है तो मौन में ही सारी बातें हो जाती है ।गूंगे को गूंगे से कहने की कोई जरुरत ही नही होती .






या यू कहे की कोई बात होती ही नही कहने की

2 नदियों की तरह चुप चाप बहते चले जाते है और बीच में बहती है

मौन






सिर्फ़ मौन ........
प्रेम ...............
परमात्मा ... ..... ..................



परम शान्ति होती है ....................................................



_()_आमीन



Friday, April 4, 2008


जब कोई पानी को अपनी मुट्ठी में जोर से पकड़ने की कोशिश करता है तो पानी उतनी ही तेज़ी से उसके हाथो से फिसल जाती है



पर जब कोई उससे अपने चुलू (हथेलियों ) के बीच धीरे से संभल कर रखता है तो उसके हाथ भी भीगे रहते है और पानी ठंड़क भी महसूस करता रहता है ।


ठीक उसी तरह अगर तुम प्रभु के प्रेमियों को बंधनों में बान्धने की कोशिश करोगे तो वह पानी की तरह तुम्हारे पकड़ से फिसल जायेगे



लकिन अगर तुम उनकी संगत का आनद लोगे तो तुम भी प्रभु के अपरं प्रेम को अपने भीत्तर जीने लगोगे ।



मीरा को बाधोगे तो वह राज्यवाडे को छोड़ देगी मगर उसके रंग में संग हो लोगे तो तुम्हे प्रभु प्रेम की सागर में डुबो देगी .

opening of chaitali osho galaria





BY THE GRACE OF ULTIMATE LORD OSHO HAS ARRIVED ON THE WINGS OF AIR IN THE TOWN OF BOKARO (JHARKHAND). WE WITNESSED THE OPENING OF CHAITALI OSHO GALARIA ON 16.3.08.THE INAUGURATION WAS DONE BY MA ANITA .SWAMI ANAND UTSAV ,SHISHIR PATHAK , SWAMI DHYAN KAMAL ,MA ANITA AND MANY OTHER OSHO LOVERS ARE JOINING TOGETHER TO SPREAD THE FRAGRANCE OF OSHO IN THE TOWN OF BOKARO AND NEARBY AREAS.THE EFFORTLESS EFFORT IS TO LET THE PEOPLE BATH IN THE AMRIT OF ULTIMATE LORD.




ONE DAY CELEBRATION ,3DAYS MEDITATION CAMPS AND MANY OTHER ACTIVITIES ARE BEING DONE BY THE HANDS OF LORD HIMSELF.


_()_ameen



मैंने तुम्हे अपना मित्र कहा है


में वचन देता हू की जब भी तुम्हे मेरी जरुरत होगी


में तुम्हारे पास आ जुगाउगा ।


बस मेरी जरूरत भर महसूस करो.